एफआईआर कराने में इतना समय.जांच एवं न्याय का का क्या होगा ? पश्चिम प्रदेश अत्यंत आवश्यकएफआईआर कराने में इतना समय.जांच एवं न्याय का का क्या होगा ? पश्चिम प्रदेश अत्यंत आवश्यक

एफआईआर कराने में इतना समय.जांच एवं न्याय का का क्या होगा ? पश्चिम प्रदेश अत्यंत आवश्यक
*एफआईआर कराने में इतना समय.जांच एवं न्याय का
का क्या होगा ? पश्चिम प्रदेश अत्यंत आवश्यक*
गाज़ियाबाद (आशा चौधरी )
पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा के केंद्रीय महासचिव कर्नल सुधीर चौधरी ने कहां की छोटा प्रदेश इसीलिए जरूरी है की करप्शन ने गरीब आदमी की कमर तोड़ दी है। धक्के खाकर सालों तक जीडीए में आम आदमी का काम नहीं हो पाता। जीडीए की अनेकों योजनाएं पन्द्रह बीस सालों से लटकी हैं। लेकिन दशकों पहले हुए घोटाले में प्राधिकरण ने अब कराई एफआईआर दर्ज . बताते चले मामला जीडीए को हुआ था करीब साढ़े 76 लाख रुपए का नुकसान गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में दशकों पहले कौशांबी क्षेत्र में व्यावसायिक भूखंडों के आवंटन के नाम पर हुई धांधली को लेकर अब थाना सिहानीगेट में पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि इस मामले में जो आरोपी बनाए गए है वह सभी प्राधिकरण के ही अधिकारी और कर्मचारी है। एक अधिकारी की पूर्व में मौत भी हो चुकी है और एक रिटायर्ड हो चुके है। मामले में जांच के बाद अब आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जीडीए के कनिष्ठ लिपिक प्रदीप त्यागी के मुताबिक, मार्च 1995 में जीडीए ने कौशांबी में 500-500 मीटर के दो व्यावसायिक भूखंडों का आवंटन किया था। यह दोनों भूखंड कालिंदी बाई स्टील एंड ट्यूब्स को आवंटित किए गए थे। भूखंडों को 80 लाख, 39 हजार, 565 रुपए में आवंटित किया गया था। चार लाख रुपए जमा होने पर आवंटी पर 76 लाख, 39 हजार रुपए बकाया रहे, लेकिन आवंटी ने इसके बाद आगे का भुगतान नहीं किया।
इसके बाद ब्याज समेत रकम जमा करने के निर्देश पर उसने विभाग गाजियाबाद विकास प्राधिकरण जांच के बाद की जाएगी आगे की कार्रवाई
एसीपी नंदग्राम उपासना पांडे ने बताया कि कनिष्ठ लिपिक प्रदीप त्यागी ने उस समय के सहायक पटल रजनीश कौशिक, वरिष्ठ सहायक पटल रविंद्र कुमार, सहायक अभियंता अजय गोयल, अधिशासी अभियंता आरएन सिंह और तत्कालीन वित्त नियंत्रक उप्र लेखा एवं वित्त विभाग सुशील कुमार यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इनमें से रजनीश कौशिक की मौत हो चुकी है। जबकि रविंद्र कुमार रिटायर्ड हो चुके हैं। एसीपी ने बताया कि जीडीए के वरिष्ठ लिपिक की तहरीर पर पांच आरोपियों के खिलाफ लोकसेवक द्वारा बेईमानी करने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों संग मिलकर खेल कर दिया। इन अधिकारियों ने आवंटी को गैरकानूनी तौर पर ओटीएस योजना का लाभ उस
समय में दिलवा दिया, जब ये योजनाव थी ही नहीं। इसके चलते जीडीए को करीब साढ़े 76 लाख रुपए का नुकसान हुआ। कर्नल सुधीर चौधरी ने कहा भ्रष्टाचार और लूट रोकने के लिए छोटे प्रदेश के रूप में *पश्चिमी प्रदेश* का शीघ्र निर्माण। बहुत जरूरी है lगाज़ियाबाद (आशा चौधरी )
पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा के केंद्रीय महासचिव कर्नल सुधीर चौधरी ने कहां की छोटा प्रदेश इसीलिए जरूरी है की करप्शन ने गरीब आदमी की कमर तोड़ दी है। धक्के खाकर सालों तक जीडीए में आम आदमी का काम नहीं हो पाता। जीडीए की अनेकों योजनाएं पन्द्रह बीस सालों से लटकी हैं। लेकिन दशकों पहले हुए घोटाले में प्राधिकरण ने अब कराई एफआईआर दर्ज . बताते चले मामला जीडीए को हुआ था करीब साढ़े 76 लाख रुपए का नुकसान गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में दशकों पहले कौशांबी क्षेत्र में व्यावसायिक भूखंडों के आवंटन के नाम पर हुई धांधली को लेकर अब थाना सिहानीगेट में पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि इस मामले में जो आरोपी बनाए गए है वह सभी प्राधिकरण के ही अधिकारी और कर्मचारी है। एक अधिकारी की पूर्व में मौत भी हो चुकी है और एक रिटायर्ड हो चुके है। मामले में जांच के बाद अब आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जीडीए के कनिष्ठ लिपिक प्रदीप त्यागी के मुताबिक, मार्च 1995 में जीडीए ने कौशांबी में 500-500 मीटर के दो व्यावसायिक भूखंडों का आवंटन किया था। यह दोनों भूखंड कालिंदी बाई स्टील एंड ट्यूब्स को आवंटित किए गए थे। भूखंडों को 80 लाख, 39 हजार, 565 रुपए में आवंटित किया गया था। चार लाख रुपए जमा होने पर आवंटी पर 76 लाख, 39 हजार रुपए बकाया रहे, लेकिन आवंटी ने इसके बाद आगे का भुगतान नहीं किया।
इसके बाद ब्याज समेत रकम जमा करने के निर्देश पर उसने विभाग गाजियाबाद विकास प्राधिकरण जांच के बाद की जाएगी आगे की कार्रवाई
एसीपी नंदग्राम उपासना पांडे ने बताया कि कनिष्ठ लिपिक प्रदीप त्यागी ने उस समय के सहायक पटल रजनीश कौशिक, वरिष्ठ सहायक पटल रविंद्र कुमार, सहायक अभियंता अजय गोयल, अधिशासी अभियंता आरएन सिंह और तत्कालीन वित्त नियंत्रक उप्र लेखा एवं वित्त विभाग सुशील कुमार यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इनमें से रजनीश कौशिक की मौत हो चुकी है। जबकि रविंद्र कुमार रिटायर्ड हो चुके हैं। एसीपी ने बताया कि जीडीए के वरिष्ठ लिपिक की तहरीर पर पांच आरोपियों के खिलाफ लोकसेवक द्वारा बेईमानी करने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों संग मिलकर खेल कर दिया। इन अधिकारियों ने आवंटी को गैरकानूनी तौर पर ओटीएस योजना का लाभ उस
समय में दिलवा दिया, जब ये योजनाव थी ही नहीं। इसके चलते जीडीए को करीब साढ़े 76 लाख रुपए का नुकसान हुआ। कर्नल सुधीर चौधरी ने कहा भ्रष्टाचार और लूट रोकने के लिए छोटे प्रदेश के रूप में पश्चिमी प्रदेश का शीघ्र निर्माण। बहुत जरूरी है l